Saturday, 3 January 2015

मुझे तुम्हारी याद आई है

जब भी सितारों ने महफिल में -
अपनी दास्तां सुनाई है -
मुझे तुम्हारी याद आई है
मदमस्त होकर जब भी हवा -
पागल सी मस्ताई है ,
मुझे तुम्हारी याद आई है
गाती रही रात भर चाँदनी ,
महकती सी एक गज़ल -
मुझे तुम्हारी याद आई है
कट रही है उम्र भी इंतजार में -
वक्त ने जब जब की बेवफ़ाई है ,
मुझे तुम्हारी याद आई है
 प्रकाशित : सामाजिक आक्रोश (पाक्षिक),सहारनपुर (उ.प्र.) १६।०६।२००६ प्र.४

- राजेश सोनी "राज"

No comments:

Post a Comment