मेरे ह्रदय के सागर की अंतहीन गहराइयों से कुछ चुनिन्दा कविताओं का छोटा सा गुलदस्ता...................
Tuesday, 26 January 2016
हर हाल में खुश रहना सीख
परेशानियों से बड़े अपने हौसले रखना सीख ,
जितनी बार गिरें , उतनी बार खड़े होना सीख I
नाकामियों से मत घबरा मेरे ए दोस्त ,
नाकामियों से भी सबक लेना सीख II
हवाएँ तेज चलेंगी , सर्द चलेंगी , लू देगी, डगमगाएंगी ,
आँधियों से लड़ने का हौसला बरक़रार रखना सीख I
परिस्थितियां कैसी भी भी आएं जीवन में बार-बार ,
सोच बदल और हर हाल में खुश रहना सीख II
- राजेश सोनी " राज "
Monday, 25 January 2016
इस गणतंत्र
प्रिय मित्रों,
सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें , बधाई... ,
इस गौरवशाली अवसर पर मेरी एक कविता आप सब के सामने :
तरक्की का मंत्र
, इस गणतंत्र
आओ मिलकर
जपें ,
चलो इस
ओर एक कदम
चलें |
इतिहास का मनन
, इस गणतंत्र
आओ मिलकर
करें ,
चलो एक
बार फिर इतिहास
बनायें
संविधान की जय
जयकार , इस गणतंत्र
आओ मिलकर
लगायें |
इस बार
संविधान को समझ
में लाएं |
एक नई
मंज़िल, नया आकाश
, इस गणतंत्र
सब मिलकर
पायें ,
चलो हम
सब इसे पाने
की प्रतिज्ञा दोहराएं
|
देशभक्ति का जज़्बा,
इस गणतंत्र
सब मे फिर से
जगायें ,
आज़ादी के खातिर
हुए शहीदो को
जेहन में लाएं
|
विकासशील भारत,
इस गणतंत्र
दुनिया भर में
अपनी जगह बनायें
,
चलो हम
अपनी जिम्मेदारी निभाएं
|
बहुत कुछ
पा चुके, बहुत
कुछ पाना है
इस गणतंत्र
विश्वगुरु बन के
दुनिया में छाना
है,
इस दिशा
में हमें मिलकर
कदम बढ़ाना है |
स्वच्छ भारत का
मिशन, इस गणतंत्र
पूरे भारत में फैलाना
है ,
दिनचर्या में , अपनी
आदतों में शुमार
लाना है I
सभी बुराइयों
को, कुरीतियों को
इस गणतंत्र
अपने जीवन
से दूर भगाना है,
रोते हुए
लबों पे खुशियां
लाना है I
तरक्की का मंत्र
, इस गणतंत्र
................... I
- राजेश सोनी " राज
"
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