प्रिय मित्रों,
सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें , बधाई... ,
इस गौरवशाली अवसर पर मेरी एक कविता आप सब के सामने :
तरक्की का मंत्र
, इस गणतंत्र
आओ मिलकर
जपें ,
चलो इस
ओर एक कदम
चलें |
इतिहास का मनन
, इस गणतंत्र
आओ मिलकर
करें ,
चलो एक
बार फिर इतिहास
बनायें
संविधान की जय
जयकार , इस गणतंत्र
आओ मिलकर
लगायें |
इस बार
संविधान को समझ
में लाएं |
एक नई
मंज़िल, नया आकाश
, इस गणतंत्र
सब मिलकर
पायें ,
चलो हम
सब इसे पाने
की प्रतिज्ञा दोहराएं
|
देशभक्ति का जज़्बा,
इस गणतंत्र
सब मे फिर से
जगायें ,
आज़ादी के खातिर
हुए शहीदो को
जेहन में लाएं
|
विकासशील भारत,
इस गणतंत्र
दुनिया भर में
अपनी जगह बनायें
,
चलो हम
अपनी जिम्मेदारी निभाएं
|
बहुत कुछ
पा चुके, बहुत
कुछ पाना है
इस गणतंत्र
विश्वगुरु बन के
दुनिया में छाना
है,
इस दिशा
में हमें मिलकर
कदम बढ़ाना है |
स्वच्छ भारत का
मिशन, इस गणतंत्र
पूरे भारत में फैलाना
है ,
दिनचर्या में , अपनी
आदतों में शुमार
लाना है I
सभी बुराइयों
को, कुरीतियों को
इस गणतंत्र
अपने जीवन
से दूर भगाना है,
रोते हुए
लबों पे खुशियां
लाना है I
तरक्की का मंत्र
, इस गणतंत्र
................... I
- राजेश सोनी " राज
"

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