वेतन के
लिए तो काम
करते है सब
जरा वतन
के लिए करे
कुछ तो कुछ
बात बने I
जंग के
लिए तो हुंकार
भरते है सब,
अमन के
लिए करे काम
तो कुछ बात
बने I
द्वेष भावना से
भरे है सब
-
भाई चारे
की करे पहल
तो बात बने
I
पंद्रह अगस्त मना
रहें हैं सब
-
मानसिक ग़ुलामी से
मुक्त हो तो
कुछ बात बने
I
दुनिया बदलने की
बात करते हैं
सब,
खुद को
बदलने की करे
शुरुआत तो कुछ
बात बने ।
उनहत्तर साल हुए
आज़ादी को -
शहीदों को करे
सच्चे मन से
याद तो कुछ
बात बने ।
आओ हिलमिल
कर साथ बढ़ाये
कदम -
देश को
दुनिया में सिरमौर
बनाये हम तो
कुछ बात बने
।
भटक चुके
कर्त्तव्य पथों से
हम चलते चलते
-
दो कदम
मंज़िल की और
बढ़े तो कुछ
बात बने
होगा राष्ट्र
का चहुँ ओर
विकास गर,
अपना अपना
फ़र्ज़ ईमानदारी से
निभाएं हम ।
सर्वोपरि राष्ट्र को
मान-
और बेहतर
इस को बनाये
तो कुछ बात
बने ।
तज दे
सारी बुराइयों को
, कुरीतियों को -
देश को
आत्मनिर्भर बनायें हम तो
कुछ बात बने
।
आओ पंद्रह
अगस्त शान से,
गर्व से मनाये हम -
अपने अंदर
सच्ची आज़ादी लाये
हम ॥
- राजेश सोनी " राज
"

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